prof. shailendrakumar sharma


Member
Joined Mar 24 2013
Actions
Send a Message
Add as Friend
Flag as Inappropriate
General Info

MALE
ujjain [madhya pradesh] india
Site Memberships

Vasudha Editor/Publisher Dr. Sneh Thakore

Recent Activity
About Me

प्रो. डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा- आलोचना ,रंगमंच,लोक- साहित्य और संस्कृति, राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं देवनागरी लिपि से जुडे शोध एवं लेखन में विगत ढाई दशकों से सक्रिय ।विक्रम विश्वविद्यालय ,उज्जैन [म.प्र .] के हिन्दी विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए विश्व हिंदी संग्रहालय एवं अभिलेखन केंद्र, मालवी लोक साहित्य एवं संस्कृति केन्द्र तथा भारतीय जनजातीय साहित्य एवं संस्कृति केन्द्र की संकल्पना एवं स्थापना । कृतियाँ : पच्चीस, डेढ़ सौ से अधिक शोध एवं समीक्षा निबंधों,850 से अधिक आलेख ,समीक्षा आदि का प्रकाशन. सम्मान : संतोष तिवारी समीक्षा सम्मान ,आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय सम्मान ,शब्द साहित्य सम्मान, शातिदूत अवार्ड, हिन्दी भाषा भूषण, राष्ट्रीय कबीर सम्मान, विश्व हिन्दी सेवा सम्मान , राष्ट्रभाषा सेवा सम्मान,अक्षरादित्य सम्मान ,हिन्दी सेवी सम्मान, राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान, आदि .संपर्क- प्रोफ़ेसर एवं कुलानुशासक, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन [म.प्र.] 456 010

Post a Comment

Oops!

Oops, you forgot something.

Oops!

The words you entered did not match the given text. Please try again.

You must be a member to comment on this page. Sign In or Register

1 Comment

Reply prof. shailendrakumar sharma
12:00 PM on March 24, 2013 
aapse ujjain agaman par hui bhent yadgar rahi . aaj phone par bhi charcha hui. yah jankar achchha laga ki apko rashrapati bhawan men aapke lekhan ki liye sammanit kiyaa gayaa. badhaiyan sweekar karen. mahkaleshwar par mere aalekh ki link bhej rahaa hun.

शिव काल से परे हैं, वे साक्षात्‌ कालस्वरूप हैं। उन्होंने स्वेच्छा से पुरुषरूप धारण किया है।समस्त योगीजन समाधि अवस्था में अपने हृदयकमल के कोश में उनके ज्योतिर्मय स्वरूप का दर्शन करते हैं। ऐसे परमात्मारूप महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से ही अनादि उज्जयिनी को पूरे ब्रह्माण्ड में विलक्षण महिमा मिली है।
ब्लॉग: पूर्वाभास
उज्जैन : श्लोक से लोक तक की आस्था का केन्द्र महाकालेश्वर
लिंक: http://poorvabhas.blogspot.com/2013/03/blog-post_22.html