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6 Comments

Reply JefferySiche
3:03 AM on October 2, 2017 
No matter how happy people may be with their life, stress may find its way in. Sometimes stress is so hard to control because people do not know how to go about fixing their stresses. In the following article, you are going to be given advice to help you deal with life's stresses.

commander sildenafil 100 vega
Reply shailendrakumar sharma
11:16 AM on March 24, 2013 
aapse ujjain agaman par hui bhent yadgar rahi . aaj phone par bhi charcha hui. yah jankar achchha laga ki apko rashrapati bhawan men aapke lekhan ki liye sammanit kiyaa gayaa. badhaiyan sweekar karen. mahkaleshwar par mere aalekh ki link bhej rahaa hun. शिव काल से परे हैं, वे साक्षात्‌ कालस्वरूप हैं। उन्होंने स्वेच्छा से पुरुषरूप धारण किया है।समस्त योगीजन समाधि अवस्था में अपने हृदयकमल के कोश में उनके ज्योतिर्मय स्वरूप का दर्शन करते हैं। ऐसे परमात्मारूप महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से ही अनादि उज्जयिनी को पूरे ब्रह्माण्ड में विलक्षण महिमा मिली है।
ब्लॉग: पूर्वाभास
उज्जैन : श्लोक से लोक तक की आस्था का केन्द्र महाकालेश्वर
लिंक: http://poorvabhas.blogspot.com/2013/03/blog-post_22.html
आत्मीय स्वस्तिकामनाएँ ।
प्रो॰ शैलेन्द्रकुमार शर्मा
प्रोफ़ेसर एवं कुलानुशासक
विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन [म.प्र.] 456 010
संपर्क : 'सृजन'
407 , सांईनाथ कॉलोनी, सेठी नगर,उज्जैन 456010
मोबाईल :098260-47765 , निवास : 0734-2515573
ब्लॉग लिंक :
http://drshailendrasharma.blogspot.in/
http://drshailendrakumarsharma.blogspot.in/
http://facebook.com/dr.shailendrakumarsharma
ईमेल [email protected]
Reply Dr.Wahab
2:19 AM on January 16, 2013 
Namaskar Dr.Snehji
Aapki ore se koi pratikriya nahi aayi. Vasudha pariwar ko Makarsankranthi ki Shubhkamanayen.
Dhanyawad
Dr.Wahab
Reply Dr.Wahab
6:30 AM on January 1, 2013 
Snehji
Namaskar. Nav Varsh aapko aur Vasudha ke liye Mangalmaya ho. Maine abhi ek choti si kavitha apko bheji hai. Upayukt lage tho prakashan ke liye sweekar karen.
Dhanyawad
Dr. wahab
09443816403
Reply Dr. Sneh Thakore
1:12 AM on September 16, 2011 
Awadhesh Singh says...
स्नेह जी , प्रवासी दुनिया में आपका कृतित्व व व्यक्तित्व के दर्शन से मैं अति प्रभावित हुआ हूँ . यह एक लम्बी साहित्यक - सांस्कृतिक उपलब्धियों की विजयगाथा है . वसुधा की प्रकाशित प्रति पड़ने की उत्कंठ आकांछा कैसे पूरी हो . यह दिल्ली में कहाँ उपलब्ध है ? जानकारी दें कृपया .

माननीय अवधेश जी,
धन्यवाद एवं आभार.
वसुधा की प्रकाशित प्रतियाँ कैनेडा से ही भेजी जाती हैं.
प्रवासी दुनिया की वेव-साइट एवं
http://www.Vasudha1.webs.com पर भी वसुधा उपलब्ध है.
Reply Awadhesh Singh
6:35 AM on September 1, 2011 
स्नेह जी , प्रवासी दुनिया में आपका कृतित्व व व्यक्तित्व के दर्शन से मैं अति प्रभावित हुआ हूँ . यह एक लम्बी साहित्यक - सांस्कृतिक उपलब्धियों की विजयगाथा है . वसुधा की प्रकाशित प्रति पड़ने की उत्कंठ आकांछा कैसे पूरी हो . यह दिल्ली में कहाँ उपलब्ध है ? जानकारी दें कृपया .